0

Pollution Essay in Hindi Language | प्रदूषण पर निबंध

Pollution Essay in Hindi and प्रदूषण पर निबंध for class 2 3 4 5 9 7 and 10 in 100 words to spread awareness about Stop Pollution in Hindi.

essay on pollution in hindi

Pollution Essay in Hindi Language | प्रदूषण पर निबंध

विज्ञान के इस युग में मानव को जहां कुछ वरदान मिले है, वहां कुछ अभिशाप भी मिले हैं। प्रदूषण एक ऐसा अभिशाप हैं जो विज्ञान की कोख में से जन्मा हैं और जिसे सहने के लिए अधिकांश जनता मजबूर हैं। प्रदूषण का शाब्दिक अर्थ है-” गंदगी ” वह गंदगी जो हमारे चारों ओर फैल गई है और जिसकी गिरफ्त में पृथ्वी के सभी निवासी हैं उसे प्रदूषण कहा जाता है। प्रदूषण को मोटे तौर पर तीन भागों में बांटा जा सकता है-
वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण। ये तीनों ही प्रकार के प्रदूषण मानव के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक सिद्ध हो रहे हैं।

1. वायु प्रदूषण

वायु हमारे जीवन के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण स्त्रोत होती है। जब वायु में हानिकारक गैसें जैसे कार्बन-डाई-आक्साइड और कार्बन-मोनो-आक्साइड मिलती हैं तो ये वायु को प्रदूषित कर देती हैं इसे ही वायु प्रदूषण कहते हैं। बहुत से कारणों से जैसे – पेड़ों का काटा जाना, फैक्ट्रियों और वाहनों से निकलने वाले धुएं से वायु प्रदूषण होता है। वायु प्रदूषण की वजह से अनेक तरह की बीमारियाँ भी हो जाती हैं जैसे – अस्थमा, एलर्जी, साँस लेने में समस्या होना आदि।

2. जल प्रदूषण

जल के बिना किसी भी प्रकार से जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। जब इस जल में बाहरी अशुद्धियाँ मिल जाती हैं जिसकी वजह से जल दूषित हो जाता है इसे ही जल प्रदूषण कहते हैं। जल में नगरों का कूड़ा – कचरा रासायनिक पदार्थों से युक्त गंदा पानी प्रवाहित किया जाता है। इससे जल के भंडार, जैसे-तालाब, नदियाँ, झीलें और समुद्र का जल निरंतर प्रदूषित हो जाता है ।

3. ध्वनि प्रदूषण

मनुष्य को रहने के लिए शांत वातावरण की जरूरत होती है। जब वाहनों, मोटर साइकिलों, डीजे, लाउडस्पीकर, कारखानों, साइरन की
वजह से जो शोर होता है उसे ध्वनि प्रदूषण कहते हैं। ध्वनि प्रदूषण की वजह से हमारी सुनने की शक्ति कमजोर होती है। कई बार ध्वनि प्रदूषण से मानसिक तनाव की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है।

उपर्युक्त प्रदूषणों के कारण मानव के स्वस्थ जीवन को खतरा पैदा हो गया है। इंसान खुली हवा में लम्बी सांस लेने तक को तरस गया है। गंदे जल के कारण कई बीमारियां फसलों में चली जाती हैं जो मनुष्य के शरीर में पहुंचकर घातक बीमारियां पैदा करती हैं। पर्यावरण-प्रदूषण के कारण न समय पर वर्षा आती है, न सर्दी-गर्मी का चक्र ठीक चलता है। सुखा, बाढ़, ओला आदि प्राकृतिक प्रकोपों का कारण भी प्रदूषण ही है।

विभिन्न प्रकार के प्रदूषण से बचने के लिए चाहिए कि अधिक से अधिक पेड़ लगाए जाएं, हरियाली की मात्रा अधिक हो, सड़कों के किनारे घने वृक्ष हों। आबादी वाले क्षेत्र खुले हों, हवादार हों, हरियाली से ओतप्रोत हों। कल-कारखानों को आबादी से दूर रखना चाहिए और उनसे निकले प्रदूषित मल को नष्ट करने के उपाय करने चाहिए।

निष्कर्ष रूप में कहा जा सकता है कि प्रदूषण को कम करने का एकमात्र उपाय सामाजिक जागरूकता है। प्रचार माध्यमों के द्वारा इस संबंध में लोगों तक संदेश पहुँचाने की आवश्यकता है। सामूहिक प्रयास से ही प्रदूषण की विश्वव्यापी समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है।

” प्रदूषण को मिटायेंगे, पर्यावरण को स्वच्छ बनायेंगे “

आशा करते हैं आपको हमारी ये पोस्ट Pollution Essay in Hindi Language | प्रदूषण पर निबंध पसंद आई होगी। अपने विचार कमेंट सेक्शन में लिखें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.